“WannaCry साइबर अटैक” सोमवार को फिर से अटैक की आशंका जताई जा रही है।

नई दिल्‍ली. भारत समेत दुनियाभर के 100 देशों में शुक्रवार को हुए साइबर अटैक के बाद सोमवार को फिर से अटैक की आशंका जताई जा रही है। रविवार को एक सिक्‍युरिटी रिसर्चर ने साइबर अटैक की वॉर्निंग दी। इसे देखते हुए भारत समेत दुनियाभर के बैंक, एयरपोर्ट्स, टेलिकॉम नेटवर्क्‍स और स्‍टॉक मार्केट्स को अलर्ट किया गया है। हिदायत दी गई है कि वे ऐसे अटैक से बचने के लिए खुद को तैयार रखें। इससे बचने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएं। इसी बीच, यूरोप के प्रमुख सिक्‍योरिटी एजेंसी यूरोपोल के डायरेक्‍टर रॉब वेनराइट ने भी अगला साइबर हमला होने की आशंका जताई है।

मलवेयर टेक ने दी वॉर्निंग……
– ब्रिटेन के सिक्‍योरिटी रिसर्चर ‘मलवेयर टेक’ ने कहा कि शुक्रवार को हुए रैंसमवेयर साइबर हमले के बाद सोमवार को फिर एक और हमला हो सकता है। मलवेयर टैक ने ही रैनसमवायर को रोकने में मदद की थी। यह वायरस 100 से भी ज्‍यादा देशों के 125 हजार कंप्‍यूटर में घुस गया था। इसमें आंध्र प्रदेश पुलिस के भी कुछ कंप्‍यूटर शामिल थे।

ज्‍यादा नुकसानदायक हो सकता अगला अटैक – मलवेयर टेक ने कहा कि हमने रैनसमवेयर को रोकने में कामयाबी तो पा ली है, लेकिन वे (अटैक करने वाले) चुप बैठने वाले नहीं हैं और फिर से हमला कर सकते हैं।
– “यह ज्‍यादा ताकतवर और खतरनाक हो सकता है और इसे रोकना हमारे बस में नहीं होगा। यह हमला अगर रविवार को नहीं किया गया, तो सोमवार को हो सकता हैं। इसलिए अलर्ट रहने की जरूरत है। उन्‍होंने चेताया कि हैकर्स उस किल स्विच को हटा सकते हैं, जिसके जरिए उन्‍होंने इस साइबर हमले को रोका था। जांचकर्ता लगातार उन लोगों की खोज में जुटे हुए हैं, जिन्‍होंने इस साइबर हमले को अंजाम दिया।”

यूरोपोल प्रमुख ने जताई अगले हमले की आशंका इसी बीच, यूरोपोल के डायरेक्‍टर रॉब वेनराइट ने भी अगला साइबर हमला होने की आशंका जताई हैं। उन्‍होंने कहा कि शुक्रवार को हुए साइबर हमले से 150 से भी ज्‍यादा देश प्रभावित हुए हैं। इसका असर 2 लाख से भी ज्‍यादा लोगों पर पड़ा है। उन्‍होंने कहा कि इन पीडि़तों मे शामिल कुछ वे लोग भी हैं, जो बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ बिजनेस करते हैं।

आरबीआई और एनीपीसीआई अलर्ट – इंडियन गवर्नमेंट ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई), स्टॉक मार्केट और एनपीसीआई को अलर्ट कर दिया है। सरकार की साइबर सिक्युरिटी आर्म ने इस संबंध में इन एजेंसियों को ‘डूज एंड डोंट्स’ जारी किए हैं और डाटा लीक जैसी कोई घटना रोकने के लिए पर्याप्त उपाय करने की हिदायत दी है।
– ऑफिशियल सोर्सेस के मुताबिक, “गवर्नमेंट ने हालात से निपटने के इंतजाम किए हैं। इंडियन कंप्यूटर इमर्जेंसी रिस्पॉन्स टीम (सीईआरटी-इन) के सामने साइबर अटैक की कोई बड़ा मामला नहीं आया है।

साइबर हमले का ये रहा असर – शुक्रवार को किए गए हमले में सैकड़ों देशों के कम्‍प्‍यूटर्स ने काम करना बंद कर दिया। यह खास तरह का रैनसमवायर साइबर अटैक है, जिसने बिटकॉइन में फिरौती की मांग की है। इसके चलते ब्रिटेन समेत कई देशों की स्‍वास्‍थ्‍‍‍य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा गईं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला दुनिया भर के इम्पॉर्टेंट ऑर्गनाइजेशंस पर हुआ। – यूरोपोल की रिपोर्ट के मुताबिक साइबर अटैक का असर 150 देशों तक पहुंच गया है और इसने करीब 2 लाख कम्प्यूटर्स पर असर किया है।

ये देश भी अटैक की चपेट में, सबसे ज्‍यादा रूस प्रभावित
– रिपोर्ट के मुताबिक, जिन अन्‍य देशों में यह खास साइबर हमला हुआ उसमें ब्रिटेन के अलावा अमरीका, चीन, रूस, स्पेन, इटली, वियतनाम और कई अन्य देश भी शामिल हैं।
– इन सभी देशो में रैनसमवायर ने एक साथ हमला किया। न्यूज एजेंसियों के मुताबिक, इस अटैक की चपेट में सबसे ज्‍यादा रूस के कम्‍प्‍यूटर आए हैं।
– रूस की होम मिनिस्ट्री ने भी इस हमले की पुष्टि की है। ब्रिटेन के अलावा स्‍पेन में काम करने वाली बुहत सी कंपनियां इस साइबर अटैक की चपेट में आई हैं।

Source : DainikBhaskar.com

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